बुध कन्या में वक्री – सितम्बर 17 – अक्टूबर 9

सितम्बर 17, 2015 को बुध ग्रह अपनी स्वराशि कन्या में वक्री हो गया। यह 9 अक्टूबर को मार्गी होकर 29 अक्टूबर को तुला में चला जाएगा। अतः यह अपनी राशि में काफी समय तक रहने वाला है। बुध अपना सीधा अधिकार बुद्धि पर रखता है, विश्लेषण क्षमता भी बुध एवं मंगल के पास है। अतः इसके वक्री होने पर लोगों को निर्णय लेने में असहजता महसूस होगी।

मेष
वक्री ग्रह अपना विपरीत प्रभाव देते हैं। बुध आपके तीसरे एवं छठे स्थान में है। आपके इस समय अपने संबंधों में धैर्य से कार्य लेना होगा। सेहत का ध्यान रखें। विरोधियों के लिए समय अच्छा है। इस समय आपको थोड़ा संभलकर रहना होगा। ईर्षालू लोगो से दूर रहें। इस समय आपके अपने विचार दूसरों के सामने खुलकर व्यक्त कर सकंेगे। लोगों की बात भी भलिभांति समझ सकेंगे।

वृषभ
आपकी सोच में दूसरों के प्रति थोड़ा अविष्वास आ सकता है। खास तौर पर आपके प्रेम संबंध में कुछ अनबन हो सकती है। हो सकता है आपके द्वारा कोई अच्छा मौका भी हाथ से निकल जाए। यदि आपके अनेक सम्बन्ध हैं तो वाणी पर संयम रखें। लाभ के भी मौके हाथ से निकल सकते हैं। खर्चो में कभी कमी आएगी परन्तु कभी एकाएक बहुत धन का व्यय हो सकता है।

मिथुन
यदि लग्नेष वक्री हो जाए तो दिमाग में तरह तरह के ख्याल आते रहते हैं। जल्दी में कोई गलत निर्णय ना लेवें। लोगों से हमेषा अपेक्षा रखना की वे आपका साथ देगें यह उचित नहीं है। आज के समय ऐसी धारणा के साथ जीवनयापन करना मुष्किल है परन्तु फिर भी यदि कोई आपका साथ ना दे तो क्रोध ना करें। छोटी यात्रा पर जाने के योग हैं परन्तु इसे टालने में लाभ होगा।

कर्क
इस लग्न के लिए बुध प्रबल षत्रु है। यह खर्चे पर भी अधिपत्य रखता है। अभी तक यह खर्च करवा रहा था परन्तु अब व्यय में कमी होगी। कहीं घूमने फिरने के लिए समय अच्छा नहीं है। अपने साथियों के साथ वार्तालाप स्पष्ट रखें। किसी को उधार ना देवें, वापस मिलने के योग कम हैं। जरुरी फैसले इस समय ना लेवें।

सिंह
ऐसा जरुरी नहीं जैसे हम सोचते हैं वैसा हीं असलियत में घटित हो। धन और लाभ का स्वामी वक्री होने के कारण आपको बहुत ही सावधानी के साथ कदम आगे बढ़ाने होंगे। दूसरों के बहकावे में ना आएॅं। धन एवं भविष्य की योजना को लेकर पूर्णतया सजग रहें। अहंकार से बचें तथा चापलूसों से दूर रहें।

कन्या
वक्री ग्रह आपके लग्नेष में ही है। इस कारण आपको अत्याधिक सावधान रहने की जरुरत है। कोई बड़े निर्णय बिना सलाह के ना करें। किसी से कोई वादा ना करें क्योंकि पूरा ना करने पर आपका नाम खराब होगा। लोग आपके दुखी हो सकते हैं। षत्रु आपको हानि पहुॅचाने का प्रसास कर सकते हैं। परन्तु सफलता नहीं मिलेगी। निजी जीवन में भी सभी कुछ स्पष्ट रखें।

तुला
बुध आपका भाग्येष एवं द्वादषेष है। यह द्वादष में जाकर वक्री हुआ है। यह आपके लिए अच्छा है। आपके वह कार्य जो अभी तक पूरे नहीं हुए थे इस अवधि में पूरे हो सकेंगे। परन्तु इस अवधि में भी आपको कोई बड़ा निर्णय नहीं लेना है ना ही उधार लेना है। आपकी सामाजिक प्रतिष्ठा पर आघात हो सकता है। आपके कार्य में समय तथा धन दोनों खर्च होगा। परिणाम में विलम्भ होगा तथा आषानुसार कम परिणाम मिलेगा।

वृश्चिक
समय खराब होने पर परछाई भी साथ नहीं देती। ऐसा ही कुछ आपके साथ भी हो सकता है। वक्री ग्रह आपके मित्र भाव में होेने से आपके मित्रों की आपके ओर अनिच्छा बन सकती है। कामकाज में भी आप थोड़े आलसी हो सकते हैं। आपकी आलस की प्रवृत्ति के कारण काम में देरी हो सकती है। किसी दूर की यात्रा पर जाने का विचार अभी ना बनाएॅं। नौकरी बदलने के विचार हो त्याग दें।

धनु
आपमें बहुत सी खूबियाॅं हैं। आप कर्मषील व्यक्तित्व वाले हैं। परन्तु कभी कभी अहंकार एवं क्रोध के कारण नुकसान भी हो जाता है। आप कार्य के पहले प्राथमिकता देवें तथा आलस एवं अनिच्छा का त्याग करें। लोगों से ठीक व्यवहार करें। आप अपने साथी के साथ खुष रहेंगे। दोनों के मध्य कोई गलतफहमी नहीं आएगी। कुछ दिनांे के लिए अपने व्यवहार पर नियंत्रण रखें।

मकर
आपके इस समय अपनी सेहत पर ध्यान देना होगा। आप व्यंग्य अच्छा करते हैं। परन्तु आपके भीतर एकांत रहता है। थोड़ा धर्म कर्म के बारे में सोचें। जब तक नवम भाव का स्वामी नवम भाव में रहे चाहे वह वक्री ही हो, व्यक्ति को धर्म कर्म के बारे में सोचना चाहिए। घर के पास किसी तीर्थ पर जाना अच्छा होगा। आपके कार्य में मन नहीं लगेगा। इस कारण बेहतर होगा कहीं बाहर घूम कर आ जाएॅं।

कुम्भ
पंचमेश अष्टम में स्वराशि में है इस कारण यह समय बेहतरीन है। किन्तु ग्रह का वक्री होना ठीक नहीं है। इस समय आपको स्वास्थ्य को सजग रहना चाहिए और स्वयं को स्पष्ट रखना चाहिए। याद रखिये बुध का सम्बन्ध नैसर्गिक रूप से तो बुद्धि से है ही। आपके लिए वह पंचमेंश के कारण और अधिक तीव्र कारक हो गया है। अतः इस समय कोई ऐसा कार्य ना करे जिसमें धन का प्रयोग हो तथा महत्वपूर्ण निर्णय लेने पड़ें।

मीन
निजी जीवन में कुछ अनियमितता रहेगी। उग्रता से बचना दोनों के लिए अच्छा होगा क्योंकि इस समय आप दोनों में से कोई भी ऐसा कुछ बोल सकता है जो लम्बे समय तक आपको दर्द देता रहेगा। उससे बचना ही श्रेष्ठ है। प्रेम में यह ध्यान रखें कि अपने साथी पर शक ना करें। शक किसी भी सम्बन्ध के लिए अच्छा नहीं होता। धन का लाभ होगा।

Sep, 24 2015 07:09 am