मंगल का सिंह में गोचर

15 सितम्बर को मंगल सूर्य की दग्ध राशि सिंह में आएगा। मंगल स्वयंएक क्रूर ग्रह है और अग्नितत्व राशि में आने पर उसका व्यवहार ओर उग्र रूप लेगा। लोगों में अहम की वृद्धि के साथ कामेच्छा की भी वृद्धि होगी तथा काफी लोग अनैतिक मार्ग को भी अपना सकते हैं। सिंह कुंडली में पंचम भाव में आती है तथा सूर्य उसका अधिपति है। यदि आपकी मंगल की प्रत्यंतर दशा चल रही है तो आपको इसके प्रभावों की सर्वाधिक अनुभूति हो सकती है।

मेष
मंगल का सिंह में गोचर आपके भीतर उर्जा का संचार करेगा परन्तु आपकी क्षमता से अधिक उर्जा का संचार करेगा। आप स्वभाव से उग्र हैं तथा यह गोचर आपको ओर उग्र बना सकता है। यह उर्जा स्वयं को परिभाषित और प्रतिपादित करेगी। संभवतः आपको अपनी संतान के द्वारा ही हानि उठानी पड़े। प्रेम सम्बन्ध में भी आपका उग्र स्वभाव परेषानी का कारण बनेगा। धन का व्यय सुख-सुविधाओं पर हो सकता है। स्वास्थ्य को लेकर भी शिकायत बनी रह सकती है।

वृषभ
मंगल आपके दषम, सप्तम एवं लाभ भाव को देखेगा। घर के लोगों के बीच कुछ कहासुनी हो सकती है। किन्तु यह गोचर आपको आगे बढ़ने का एवं कार्यस्थल पर अपनी काबिलियत सिद्ध करने का मौका देगा तथा आप दूसरों से अच्छा प्रदर्षन करेंगे। आपके निजी जीवन सुखद रहने की संभावना है तथा आपको लाभ भी प्राप्त होगा। आपको अपने व्यय पर नियंत्रण रखने की जरुरत है। व्यर्थ के तनाव से बचें।

मिथुन
कार्यस्थल पर आपके कार्य को सराहा जाएगा। उर्जा का संचार अधिक रहेगा तथा आप दूसरों के लिए उदाहरण स्वरुप सिद्ध होंगे। आप अपने षत्रुओं को अपनी चतुरता से पीछे छोड़ने में सफल होंगे। लोग आपके हास्य व्यंग्य से भी प्रसन्न होंगे। अपनी वाणी एवं षब्दों से किसी को द्रवित ना करें। भाग्य आपके साथ देगा तथा कामकाज में भी सामान्य स्थिति बनी रहेगा।

कर्क
धन भाव में दषमेष हमेष षुभ रहता है। अतः धन लाभ आपको अपने परिश्रम से ही प्राप्त होगा। निजी जीवन में समय अच्छा बना रहेगा। आपके प्रेम प्रसंग भी आपके लिए आनंदपूर्ण रहेंगे। व्यापारी वर्ग को लाभ होगा। जमीन से जुड़े कार्य में लाभ मिलेगा। भाग्य आपको परेषान कर सकता है। मित्रों से सहयोग प्राप्त करने के योग प्रबल हैं।

सिंह
भाग्येष लग्न में अच्छा रहता है। परन्तु मंगल की सप्तम दृष्टि में षनि के घर कुम्भ पर भी जाएगी। अतः विवाहित जीवन पर बुरा असर पड़ेगा। आपको इस समय खुद पर नियंत्रण रखना होगा। आपको सेहत से जुड़ी षिकायत हो सकती है। खानपान में संयमित रहें तथा मादक द्रव्यों से दूर रहें।

कन्या
सप्तम भाव पर मंगल की अष्टम दृष्टि जाएगी। किसी महिला मित्र के द्वारा आपका रुका हुआ कार्य बन सकता है। वैवाहिक जीवन को जितना हो सके सुगम बनाए तथा व्यर्थ की परेषानीयाॅं मोल ना लें अन्यथा आपको नुकसान हो सकता है। घरवालों के साथ विवाद हो सकता है। अपने आस-पास के लोगों से सम्बन्ध मधुर बनाए रखें।

तुला
आपके मित्रों से पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा। किसी विपरीत लिंग वाले मित्र के आप नजदीक आ सकते हैं। धन का लाभ होगा तथा आपके काफी कार्य भी सम्पूर्ण हो सकते हैं। यह गोचर आपके लिए अच्छा होगा। किसी से विरुद्ध कोई गुप्त कार्य आप कर सकते हैं। संतान पक्ष से परेषानी हो सकती है। कुल मिलाकर यह समय बेहतरीन है।

वृश्चिक
लग्नेष दसवें भाव में षुभ माना गया है। इसके साथ ही यह छठे भाव में भी है। अतः यह समय आपकी नौकरी के लिए बेहतरीन है। मंगल की दृष्टि लग्न पर भी है तथा चतुर्थ पर भी है। आपको आषानुसार सफलता प्राप्त हो सकती है। व्यवसाय में लोगों को लाभ होगा। निजी जीवन में अषांति रहेगी तथा इसके कारण मानसिक परेषानी हो सकती है। कार्यस्थल पर भी किसी से बहस हो सकती है।

धनु
पंचमेष के परिणाम के कारण ही मंगल आपको प्रमुखता देने वाला है तथा यह आपके लिए अच्छा भी है। द्वादष भाव के स्वामी अपनी दूसरी राषि का फल प्रमुखता से देने वाले होते हैं। आपके लिए यह समय मानसिक षांति देने वाला होगा। मित्रों से आपको लाभ होगा तथा आपके कार्य सम्पूर्ण होंगे। किसी बड़े समझौते के होने की संभावना है। आपकी कोषिष द्वारा कार्य पूरे होंगे।

मकर
इस घर में मंगल लाभदायक नहीं होगा। परन्तु आपकी राषि में लाभेष में होकर यह आठवें भाव में गोचर में आ रहा है, इस कारण यह आपको लाभ देकर जाएगा। आपको अपने पुराने मित्रों से लाभ हो सकता है। इस समय आपके अपनी सेहत का ख्याल रखने की जरुरत है। वाहन चलाते समय भी सावधानी बरतें।

कुम्भ
मंगल सातवें घर में अच्छा नहीं माना गया है। गोचर तथा जन्म दोनों मंे ही मंगल की यह यूति वैवाहिक जीवन में समस्या लेकर आ सकती है। यदि आपका व्यापार साझेदारी का है तो साझेदार से मतभेद हो सकते हैं। यदि आप गोचर के बहाव मे आते हैं तो स्वयं का नुकसार कर लेंगे। कामकाज अच्छा रहेगा।

मीन
आपके षत्रुओं के लिए अषुभ संकेत हैं। काफी कोषिष करने के बाद भी वह आपको नुकसान नहीं कर सकेंगे। आपका खान पान सामान्य रहेगा। खुराक थोड़ी अधिक हो सकती है। आपको क्रोध अधिक आ सकता है। भाग्य भी आपके साथ देगा। इस समय का आनंद लेवें।

Sep, 24 2015 06:59 am