सूर्य का वृष्चिक में गोचर 17 नवम्बर से 16 दिसम्बर 2015

17 नवम्बर को सूर्य अपनी नीच राषि से निकल कर मित्र राषि वृष्चिक में प्रवेष कर गया। यहाॅं आने पर सूर्य अपने तेज को पुनः प्राप्त करेगा तथा उसके नीचत्व में हुई घटनाओं में सुधार आएगा। इस समय सूर्य अच्छे परिणाम देगा ऐसा जरुरी नहीं परन्तु सभी को खराब परिणाम देगा यह भी जरुरी नहीं है। यदि आप सूर्य की प्रत्यंतर दषा में चल रहे हैं तो इसका प्रभाव अत्याधिक होगा।

मेष

आपको इस समय स्वास्थ्य को लेकर कोई गंभीर समस्या हो सकती है। अतः सेहत का ध्यान रखना आपके लिए जरुरी है। षत्रु आपके कार्य को खराब करने का प्रयास कर सकते हैं। आपके कार्य व्यवसाय में नुकसान होने की भी संभावनाएॅं हैं। प्रेेम सम्बन्ध में भी निराषा हो सकती है। संतान पक्ष से परेषानी बढ़ेगी। आपका भाग्य आपके साथ नहीं होगा। अतः सावधान रहें क्योंकि यही आपके लिए हितकारी होगा।

वृषभ

आपको इस समय सामान्य ज्वर परेषान कर सकता है। खर्चे अधिक होंगे तथा परिवार पर होंगे। प्रेम संबंध में गलतफहमियाॅं हो सकती हैं। संतान पक्ष से आपको अधिक प्रसन्नता नहीं होगी। आपको भाग्य से अधिक आषा नहीं करनी चाहिए। रुके हुए कार्य पूरे होने के आसार हैं। मित्रों से सहायता लेना अच्छा होगा। विपरीत लिंग के मित्र अधिक सहायक सिद्ध हो सकते हैं।

मिथुन

आपको अपनी नौकरी में लाभ होगा। यदि आप नई नौकरी की तलाष में हैं तो यह समय अच्छा है। आपके कार्य की सराहना होगी। व्यापारीयों को लाभ होगा। घर के लोगों से आपके संबंधों में थोड़ी कटुता आ सकती है। इसे रोकने की कोषिष् करें। जीवनसाथी के साथ भी थोड़ी नोंक झोंक हो सकती है। अतः आपको अपने व्यवहार पर नियंत्रण रखना होगा। खुद पर अहंकार को हावी ना होने दें।

कर्क

प्रेम सम्बन्ध आपको सुखी नहीं कर सकेंगे तथा संतान पक्ष से भी आषाएॅं रखना ठीक नहीं होगा। संतान की सेहत पर भी विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। आपको भी पेट से संम्बन्धित रोग हो सकते हैं। इस समय आप लम्बी यात्रा पर जा सकते हैं तथा यह यात्रा आपको लाभ देगी। कार्य क्षेत्र में प्रगति होगी। यदि आप अपने प्रयासों में षिथिलता नहीं आने देंगे तो पदोन्नित एवं प्रषंसा दोनो प्राप्त हो सकती है।

सिंह

सूर्य की सीधी नजर आपे दषम भाव पर है। सूर्य दषम में हो अथवा दषम को देखे, दोनों की परिस्थितियों में जातक को लाभ प्राप्त होता है। अतः आपको अपने कार्यक्षेत्र में लाभ प्राप्त होगा तथा अधिकारीयों का सहयोग मिलेगा। किन्तु प्रेम संबंध में ऐसा होना संभव नहीं लग रहा है। संपत्ति के कुछ मामले आपके पक्ष में हो सकते हैं। घर के सदस्यों से मनमुटाव होने के आसार भी हैं। आपकी ख्याति बढ़ने के आसार भी हैं।

कन्या

आपके मन तथा अपनी अपनी बात को व्यक्त करने की गतिविधियों में स्फूर्ति तथा तेजी आएगी। लोग आपसे बात करके अच्छा महसूस करेंगे तथा प्रेरणास्पद संवाद का आनंद ले सकेंगे। आपमें आत्मबल की अधिकता होगी तथा आपके प्रयासों में नई उर्जा का संचार होगा। भाग्य आपको परेषान कर सकता है परन्तु आपकी कार्य कुषलता से बात बन सकती है। आप नए समझौते पूर्ण कर सकते हैं। छोटी यात्रा के भी आसार हैं।

तुला

सूर्य दूसरे भाव में आपके नेत्रों में परेषानी दे सकता है तथा आपको सिरदर्द भी रह सकता है। घर के सदस्यों से उपहार एवं धन की प्राप्ति हो सकती है। आप स्वर्ण पर धन खर्च कर सकते हैं। ससुराल पक्ष में आपका वाद विवाद हो सकता है। मित्रों से आपको सहयोग एवं षक्ति मिलेगी तथा आप अपनी उर्जा का सदुपयोग करेंगे। आपको कार्य में उन्नति प्राप्त होगी।

वृश्चिक

प्रेम संबंध में आपको हताषा प्राप्त हो सकती है जिसका कारण आप स्वयं होंगे। अहंकार एवं क्रोध से खुद को दूर रखें। मित्र आपकी सहायता के लिए तत्पर होंगे। आप किसी बड़े कार्य को करने से पीछे हट सकते हैं। आपके कार्यक्षेत्र में आपकी क्षमता अच्छी रहेगी किन्तु आपका व्यवहार आपके लिए समस्या बन सकता है। खुद पर नियंत्रण ही सबसे अच्छा होगा। जीवनसाथी से आपको सामंजस्य बनाकर रखना होगा अन्यथा बड़ा विवाद हो सकता है।

धनु

द्वादष भाव में सूर्य फलदायी नहीं होता परन्तु यह मंगल, राहु एवं गुरु के नक्षत्रों में भ्रमण करेगा, अतः यह आपको लाभ देगा। मन में हताषा तथा निराषा को जगह ना बनाने देवें तथा अपने प्रयासों में षिथिलता को ना आने दें। घर के सदस्यों से आपका तालमेल कुछ कम रह सकता है। प्रेम संबंध में भी हताषा होगी। खर्च अधिक होंगे तथा आपका मन स्थिर नहीं रहेगा।

मकर

आपको किसी पुराने सौदे से लाभ संभव है। आप किसी का बुरा करके भी लाभ प्राप्त कर सकते हैं परन्तु आगे चलकर इसके परिणाम अच्छे नहीं होंगे। आपको अपने सत्मार्ग से विचलित नहीं होना चाहिए। यदि आप भुमि से जुड़े व्यवसाय में हैं तो आपको लाभ होगा। लम्बी यात्रा भी संभव है। धार्मिक भाव में भी विकास संभव है। खर्चों में बढ़ोतरी संभव है।

कुम्भ

सूूर्य दसवें भाव में बहुत प्रभावकारी माना गया है। यदि उसका भावधिपत्य खराब नहीं है, तो जातक को लाभ प्राप्त होगा। आपको भी आपने कार्यक्षेत्र में अच्छी प्रगति देखने को मिलेगी तथा धन की प्राप्ति भी होगी एवं सम्मान की वृद्धि होगी। आप अपनी बात दूसरों पर थोपना चाहंेगे, इससे बचें।

मीन

नवम भाव में सूर्य लाभदायक होता है। यह आपके लग्न के लिए छठे भाव का स्वामी है। यह आपको लाभ देगा तथा आपके पिता को भी लाभ देगा। आपको कार्य क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा तथा मित्रता दूर दूर के लोगों से होगी। आपकी आय स्त्रोत बढ़ेंगे। धन मान सम्मान किसी भी रुप में वृद्धि हो सकती है। निजी जीवन भी ठीक रहेगा। अतः यह गोचर आपके लिए लाभदायक है।

Nov, 23 2015 09:45 am