कैसे करे पूजा अक्षय तृतीय पर लक्ष्मी कुबेर की

अक्षय तृतीया का संस्कृत अर्थ हे क्षीण  होना|अर्थात कभी भी ख़त्म होना |अविनाशी या शाश्वत|वर्ष 2016 में ये सौभाग्य शाली पर्व  09 May 2016 Monday  को मना जाएगा|

अक्षय तृतीया एक ऐसा पर्व है जो सभी मांगलिक कार्यो के लिए शुभ माना जाता है|इस दिन लक्ष्मी की और कुबेर जी की पूजा की जाती है|और इस कुबेर जी को संचालक के रूप में नियुक्त किया जाता है|

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इस दिन लक्ष्मी जी को सोने या चांदी के सिक्को के साथ रखकर पूजा की जाती है| लक्ष्मी जी उपासना: इस दिन शाम के समय लाला आसन पर बैठकर लक्ष्मी जी की पूजा करना चाहिए|शुद्ध घी का दीपक लगाना चाहिए|लक्ष्मी जी को लाल पुष्पों की माला चढ़ाइये|और विधि विधान से उनकी पूजा करे|तो लक्ष्मी जी प्रसन्न होकर मनोकामना पूर्ण करती है| और अंत में निचे लिखे मंत्रो का चन्दन की माला  से जाप करे|

  1. आध्य लक्ष्म्ये नमः||
  2. विद्या लक्ष्म्ये नमः||
  3. सौभाग्य लक्ष्म्ये नमः||
  4. भोग लक्ष्म्ये नमः||
  5. अमृत लक्ष्म्ये नमः||
  6. काम लक्ष्म्ये नमः||
  7. सत्य लक्ष्म्ये नमः||
  8. योग लक्ष्म्ये नमः||
  9. हिम श्रीं श्रए फट स्वाहा|Click here for pooja

Category: festival 2015

Apr, 26 2016 05:08 pm