लक्ष्मी कुबेर भरेंगे धन का भंडार इस अक्षय तृतीय पर जाने कैसे ?

अक्षय शब्द का अर्थ है अविनाशी या शाश्वतवह जो कभी घटता नहीं है। आज के दिन पुरी में भगवान् जगन्नाथ का चन्दनोत्सव मनाया जाता है क्योंकि वे आज के दिन के स्वामी हैं। लक्ष्मीतंत्रम् के अनुसार देवताओं के कोषाध्यक्ष कुबेर संपत्ति की देवी और विष्णु की पत्नी देवी लक्ष्मी की प्रार्थना करते हैं। दैवी आशीर्वाद, अथाह समृद्धि, खुशी तथा सौभाग्य को प्राप्त करने के लिये लोग दिन भर कुबेरलक्ष्मी की पूजा करते हैं। इस पूजा में देवी लक्ष्मी की मूर्ति की पूजा सुदर्शनचक्र और कुबेरयंत्र के साथ की जाती है जो क्रमशः भगवान विष्णु और कुबेर के प्रतीक हैं। विद्वान पंडितों द्वारा जप, तप, हवन ऐसे कार्य किये जाते हैं। अक्षय तृतीया पर लक्ष्मी कुबेर की पूजा से धन का घड़ा हमेशा भरा रहेगा.

आज के दिन नवग्रह मंदिर खरगोन आपको भव्य लक्ष्मी कुबेर पूजा में भागीदारी के लिये मौका प्रदान कर रहा है। अग़र पूजा के इस क्षण मेँ सक्रिय रूप से लग सकते हैं और इसे तन, मन और आत्मा से पकड़ सकते हैं तो यह धन अर्जित करने और उसको संरक्षित रखने में आपकी बड़ी सहायता कर सकती है।सही समय पर, सही कर्म से आपको अधिकतम सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे। यह अनुष्ठान लोगों को आकांक्षित वरदान दिलवाने में अत्यंत प्रभावशाली है। पूजा विशेष पुरोहितों द्वारा ग्रंथों में वर्णित वैदिक विधिविधान के अनुसार 09 May 2016 Monday को संपन्न कराई जायेगी। आप इस पूजा का लाइव टेलीकास्ट भी देख सकते है. पूजा कोई ग्रुप पूजा नहीं है इसलिए आपको इसका पूर्ण फल प्राप्त होगा

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 पूजा के लिये धनादेश देने पर यजमान को पूजा की तारीख़, समय और स्थान मेल तथा इसके अतिरिक्त एक लिंक दिया जायेगा जिसपर आप अपनी पूजा को साकार देख सकेंगे। साथ ही इस  पूजा में शामिल होने के लिये आप और आपके प्रतिनिधि का स्वागत है। यह विशेष पूजा प्रत्येक यजमान के लिये अलग अलग की जायेगी। पूजा के संस्कार विद्वान पुरोहितों द्वारा सवैदिक रीति के सर्वथा अनुकूल विधि से संपन्न की जायेगी।

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Category: festival 2015

Apr, 26 2016 05:33 pm