Shani Amavasya- Shani Jayanti 04-05 June 2016

शनि अमावस्या | Shani Amavasya | Shani Amavasya 2016 शनि अमावस्या व्रत:-

शनि अमावस्या और शनि जयंती 04 एवं 5 जून 2016 शनिवार रविवार

इस बार शनि आमवस्या 04 – 05 June को मनाई जा रही है,मन जाता है की इस समय शनि की पूजा,अर्चना करने से मनोकामनाए पूर्ण होती है| शनि अमावस्या को पितृकार्येषु अमावस्या के नाम से जाना जाता है| यदि बिना किसी छल कपट के दया भाव से शनि देव का स्मरण किया जाए तो  व्यक्ति सब कष्टो से मुक्ति पा सकता है| साढ़ेसाती,ढैया या कुछ शनि दोष से परेशान हो रहे मनुष्यो इस दिन शनि देव को तेल उड़द जरूर चढ़ाना चाहिए| यह अमावस्या शनिवार को है इसलिए इसे शनि अमावस्या के नाम से जाना जाता है|

शनि देव कोई कठोर भगवन नहीं है,वो तो समूर्ण जगत में फल देने वाले है| अमावस्या  के दिन जो भी मनुष्य शनि देव की मन से पूजा करता है,उसे स्मपुर्ण दुखो से मुक्ति मिल जाती है| विशेष अनुष्ठान से कालसर्प दोष,और आदि दोषो से मुक्ति प्राप्त कर सकते है|इसके अलावा शनि की साढ़ेसाती या महादशा से भी मुक्ति प्राप्त कर सकते है|

शनि अमावस्या पितृदोष से मुक्ति दिलाए Shani Amavasya and Pitradosha:-

शनि अमावस्या यदि शनिवार को पड़े तो उसका अपना ही अलग महत्त्व है| यदि शनि देव की कृपा चाहते है तो शनि अमावस्या को शनि की आराधना मन से कीजिये| | माना जाता है की यदि शनि अमावस्या के दिन यदि पितरो का श्राद्ध किया जाए तो,पितरो को मोक्ष मिलता है| शनि देव को शनि अमावस्या बहुत ही प्रिय है| नि देव की कृपा पितरो का उद्धार करती है|

शनि अमावस्या की पूजा विधि Shani Amavasya Puja:-

शनि देव को प्रसन्न करने के लिए शनि मन्त्र”ओम शं शनिश्चराय नमः” का जाप करे| किसी भी शनि मंदिर में जाकर शनि से जुडी वस्तुए जैसे गुड,शनि यंत्र,और काले तिल,उड़द आदि चढ़ाए|ऐसा करने से साडी पीड़ा दूर हो जाती है| शनि अमावस्या के दिन शुद्ध जल से स्नान करे और शनि देव को नील रंग के फूल और बेल पत्र चढ़ाए| जिसकी भी राशि में शनि का दोष है,उसे शनि देव का विधिवत पूजन करना चाहिए|यदि उस दिन आप भगवन शिव की और हनुमान जी की आराधना करे तो भी फल प्राप्त होगा|

शनि अमावस्या महत्व | Significance of Shani Amavasya:-

शनि आमवस्या का अपना अलग महत्व है,उस दिन जो सच्चे दिल से शनि की पूजा करता हिअ,वह शनि के प्रकोप से बचा रहता है| इस दिन शनि स्तोत्र का जाप करना चाहिए और महा मृत्युंजय मंयर का भी जाप करना फलदायक होता है| “||शनि नवाक्षरी मंत्र अथवाकोणस्थ: पिंगलो बभ्रु: कृष्णौ रौद्रोंतको यम: सौरी: शनिश्चरो मंद:पिप्पलादेन संस्तुत:।।इस मन्त्र का जाप करने से सरे दुखो से मुक्ति मिल सकती है|

Click here for pooja

Category: festival 2015

May, 17 2016 05:56 pm