Shani Amavasya 24 June 2017- Shani Jayanti 25 May 2017

शनि अमावस्या | Shani Amavasya | Shani Amavasya 2017 शनि अमावस्या व्रत:-

शनि अमावस्या  24 जून  2017 और शनि जयंती 25 मई 2017

इस बार शनि आमवस्या  को मनाई जा रही है,मन जाता है की इस समय शनि की पूजा,अर्चना करने से मनोकामनाए पूर्ण होती है| शनि अमावस्या को पितृकार्येषु अमावस्या के नाम से जाना जाता है| यदि बिना किसी छल कपट के दया भाव से शनि देव का स्मरण किया जाए तो  व्यक्ति सब कष्टो से मुक्ति पा सकता है| साढ़ेसाती,ढैया या कुछ शनि दोष से परेशान हो रहे मनुष्यो इस दिन शनि देव को तेल उड़द जरूर चढ़ाना चाहिए| यह अमावस्या शनिवार को है इसलिए इसे शनि अमावस्या के नाम से जाना जाता है|

शनि देव कोई कठोर भगवन नहीं है,वो तो समूर्ण जगत में फल देने वाले है| अमावस्या  के दिन जो भी मनुष्य शनि देव की मन से पूजा करता है,उसे स्मपुर्ण दुखो से मुक्ति मिल जाती है| विशेष अनुष्ठान से कालसर्प दोष,और आदि दोषो से मुक्ति प्राप्त कर सकते है|इसके अलावा शनि की साढ़ेसाती या महादशा से भी मुक्ति प्राप्त कर सकते है|

शनि अमावस्या पितृदोष से मुक्ति दिलाए Shani Amavasya and Pitradosha:-

शनि अमावस्या यदि शनिवार को पड़े तो उसका अपना ही अलग महत्त्व है| यदि शनि देव की कृपा चाहते है तो शनि अमावस्या को शनि की आराधना मन से कीजिये| | माना जाता है की यदि शनि अमावस्या के दिन यदि पितरो का श्राद्ध किया जाए तो,पितरो को मोक्ष मिलता है| शनि देव को शनि अमावस्या बहुत ही प्रिय है| नि देव की कृपा पितरो का उद्धार करती है|

शनि अमावस्या की पूजा विधि Shani Amavasya Puja:-

शनि देव को प्रसन्न करने के लिए शनि मन्त्र”ओम शं शनिश्चराय नमः” का जाप करे| किसी भी शनि मंदिर में जाकर शनि से जुडी वस्तुए जैसे गुड,शनि यंत्र,और काले तिल,उड़द आदि चढ़ाए|ऐसा करने से साडी पीड़ा दूर हो जाती है| शनि अमावस्या के दिन शुद्ध जल से स्नान करे और शनि देव को नील रंग के फूल और बेल पत्र चढ़ाए| जिसकी भी राशि में शनि का दोष है,उसे शनि देव का विधिवत पूजन करना चाहिए|यदि उस दिन आप भगवन शिव की और हनुमान जी की आराधना करे तो भी फल प्राप्त होगा|

शनि अमावस्या महत्व | Significance of Shani Amavasya:-

शनि आमवस्या का अपना अलग महत्व है,उस दिन जो सच्चे दिल से शनि की पूजा करता हिअ,वह शनि के प्रकोप से बचा रहता है| इस दिन शनि स्तोत्र का जाप करना चाहिए और महा मृत्युंजय मंयर का भी जाप करना फलदायक होता है| “||शनि नवाक्षरी मंत्र अथवाकोणस्थ: पिंगलो बभ्रु: कृष्णौ रौद्रोंतको यम: सौरी: शनिश्चरो मंद:पिप्पलादेन संस्तुत:।।इस मन्त्र का जाप करने से सरे दुखो से मुक्ति मिल सकती है|

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Category: festival 2015

May, 17 2016 05:56 pm